सुविचार 4804
प्रेम से इतने भर जाएँ कि शरीर के सारे संघर्ष समाप्त हो जाएँ। साथ ही अपने शरीर को • इन सद्भावना से भर दें कि जीवन में समृद्धि, स्वास्थ्य, सकारात्मकता, प्रेम, आनंद, मौन है तो और बढ़े.
जो चला गया वो थोड़े लौट आयेगा..
कर भला तो हो भला और कर बुरा तो हो बुरा..
अपनी समस्याओं को पहचानें, लेकिन समाधान के लिए अपनी शक्ति और ऊर्जा दें..
पैर अक्सर किनारों पे ही फिसला करते हैं.
जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.