मस्त विचार 2581
मिलोगे हमसे तो कायल हो जाओगे,
दूर से देखने पर हम ज़रा मग़रूर दिखते हैं.
दूर से देखने पर हम ज़रा मग़रूर दिखते हैं.
एक दिन “हँसा” कर महीनों “रुलाती” है !
निराशा से तो बेहतर ही होती है….
प्रेम ही एक ऐसी शक्ति है जो शत्रु को मित्र बना सकती है.
जहां से चले थे फिर वहीँ आ गए हम..
आप इत्र खरीदें, ना खरीदें
पर खुशबू का आनंद तो आपको मिलता ही है.
कोई मेरा रास्ता रोकने की कोशिश कर सकता है…
लेकिन मेरी मंजिल और काबिलियत नहीं….
बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिलता है.
और शाम होते-होते, मेरा आज भी चला गया.
अहंकार सदा माफ़ी सुनना पसंद करता है..!