मस्त विचार 2572
“मनचाहा” बोलने के लिए,
“अनचाहा” सुनंने की ताकत होनी चाहिए.
“अनचाहा” सुनंने की ताकत होनी चाहिए.
सब से ज्यादा खुद का ही दिल दुखाया है दूसरों को खुश करने में.
सोचा कुछ, किया कुछ, हुआ कुछ, मिला कुछ…
एक मजबूत, सकारात्मक आत्म-छवि सफलता के लिए सर्वोत्तम संभव तैयारी है.
जिंदगी आज तेरी खमोशी के चर्चे हैं…
लेकिन उनका लगातार बरसना ; बड़ी नदी का बहाव बन जाता है..
दिल को खूबसूरत बनाइये, जो मरते दम तक जवान रहता है !!
क्योंकि अनुमान हमारे मन की ‘कल्पना’ है, और अनुभव हमारे जीवन की ‘सीख’.