सुविचार 2815
आपकी राय या विचार मोतियबिंद की तरह होते हैं,
वे आपको स्पष्ट रूप से देखने नहीं देते.
वे आपको स्पष्ट रूप से देखने नहीं देते.
धूल हटती है तो आईने भी चमक उठते हैं.
बेगुनाह हो कर भी “मैंने” सजायें भुगती हैं.
जो बुरे वक़्त में आपके साथ थे.
लेकिन सिर्फ बातों से.
लेकिन कोई यह नहीं सोचता की हम किसके हुए.
अपने दिल में प्यार रखो _ इसके बिना जीवन एक धूप रहित बगीचे की तरह है जब फूल मर जाते हैं.
_ सही तरीके अपनाकर असफ़ल हो जाना ..
_ हम दोनों के बीच कई _पन्नों का फासला होगा..!
की जब तक साँसे चलती है कन्धा कोई नहीं देता.