सुविचार 2704
आप इत्र खरीदें, ना खरीदें
पर खुशबू का आनंद तो आपको मिलता ही है.
आप इत्र खरीदें, ना खरीदें
पर खुशबू का आनंद तो आपको मिलता ही है.
कोई मेरा रास्ता रोकने की कोशिश कर सकता है…
लेकिन मेरी मंजिल और काबिलियत नहीं….
बल्कि हमें और अधिक प्रेम मिलता है.
और शाम होते-होते, मेरा आज भी चला गया.
अहंकार सदा माफ़ी सुनना पसंद करता है..!
जिंदगी का आखिरी कपड़ा कफन, उसमें भी जेब नहीं.
फिर जिंदगीभर जेब को भरने की खटपट क्यों.
. . .
यूँ देखती है जैसे मुझे जानती नही….!!
सम्मान के सबसे ईमानदार रूपों में से एक वास्तव में यह सुनना है कि दूसरे को क्या कहना है.
मेरी मुट्ठी से हर इक जुगनू निकल जाता है क्यूँ.