Collection of Thought 725
खुद से प्यार करो _ सकारात्मक रहना जरूरी है क्योंकि सुंदरता अंदर से बाहर आती है.
खुद से प्यार करो _ सकारात्मक रहना जरूरी है क्योंकि सुंदरता अंदर से बाहर आती है.
बस अब मतलबी लोगों को नजरअंदाज करके जीना है.
जो बात राज़ की हो इशारो से पूछो ,,
लहरों से खेलना तो शौक समंदर का है ,
लगती है चोट कैसे,, ये किनारो से पूंछो ……
यह ध्यान रखें कि एक सत्य को, कई तरीके से बताया जा सकता है.
_ कि बजाय यह सोचो कि क्या किया जा सकता है ?
हम मौत को जीने के अँदाज सिखा देँगे । —
थमते नहीं आँसू जब वो निगाहों को छोड़ और दिल को तोड़ जाते हैं.
1- एक वो जिसने तकलीफ़ दी.
2- एक वो जिसने तकलीफ़ में साथ दिया.
यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.
ये चारों अपना परिचय स्वयं देते हैं.