मस्त विचार 2492
कितना बेबस हो जाता है इंसान, जब किसी को खो भी नहीं सकता _
_ और उसका हो भी नहीं सकता ..
_ और उसका हो भी नहीं सकता ..
कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें छोड़ देने पर पछताएं.
तब वो आपसे नफरत करने लग जाते हैं.
तनहाई सौ गुना बेहतर है मतलबी लोगों से…!!!
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त- व्यस्त है.
आप जो नहीं हैं उसके लिए खुद से नफरत करना बंद करें _ और जो कुछ भी आप पहले से हैं _ उसके लिए खुद से प्यार करना शुरू करें.
और जमाना औरों से मिलने का इलज़ाम लगा गया…
लेकिन मूर्ख व्यक्ति हमेशा खुद को परफेक्ट समझता है
वह खुद से होशियार और किसी को नहीं समझता.
ना जाने घर में कितनों का हौसला हूँ मैं.