सुविचार 2612
जिन्दगी में कुछ ख्वाहिशों का अधूरा रहना ही ठीक होता है,
क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
और यहां तुम फिक्र में पड़ जाते हो किसी दूसरे को बदलने की !
मर्जी आपकी, आप वापस क्या पाना चाहते हैं ?
_ हिस्से में किसी के, ऐसा सफर न आए !!
खुशी कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे आप भविष्य के लिए टाल दें; यह कुछ ऐसा है जिसे आप वर्तमान के लिए डिजाइन करते हैं.
“ठोकर”…इसलिए लगती है कि इंसान संभल जाये..
तब जीवन सीखने का एक सिलसिला बन जाता है.