मस्त विचार 2540
पहले जैसा रंग नहीं अब, जीवन की रंगोली में.
जाने कितना ज़हर भरा, अब लोगों की बोली में.
जाने कितना ज़हर भरा, अब लोगों की बोली में.
ये हौसले हमारे सुन तुझसे भी बड़े है.
_ यह वक़्त बड़ा खिलाड़ी है, हर रोज अपनी चाल बदलेगा..
तेरा सलूक, मुझे पत्थरों मैं ढाल गया !
वो सबको रोशनी पहुंचाने वाला सूरज भी तो ऊपर अकेला ही रहता है.
ज़िन्दगी तू भी, मेरा कितना ध्यान रखती है.
_ जिंदगी मिली नही, तज़ुर्बे बहुत मिले…..!!
_ किसने चढ़ते वक्त धक्का लगाया और किसने उतरते वक्त !!!