सुविचार 2636
तो कोई दूसरों की कमी खोजता है.
तो कोई दूसरों की कमी खोजता है.
कि आपको देखकर के किसी निराश व्यक्ति की आखों में भी चमक आ जाए !
एक थमती नहीं…..दूसरी आ धमकती है.
पहली और सबसे अच्छी जीत स्वयं पर विजय प्राप्त करना है.
जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ.
आपको खुद ही हिम्मत दिखानी होगी और सब कुछ ठीक करना होगा.
पर गम देने वाले भी अजनबी नहीं होते…
स्थिर जल धीरे-धीरे मलीन हो जाता है और पीने योग्य नही रह जाता है.
दान और भोग विहिन धन स्वत: नष्ट हो जाता है.
*उसी प्रकार से निष्क्रियता मस्तिस्क की ताकत सोख लेती है ,मनुष्य धीरे -धीरे अवसाद का शिकार हो जाता है,
इसलिए निरन्तर सक्रिय रहें .*