मस्त विचार 2593
और एक सच ये भी है.. इसे और कहीं ढूँढना संभव नहीं.
और एक सच ये भी है.. इसे और कहीं ढूँढना संभव नहीं.
तो हमारा इंसान होना व्यर्थ है..
हम कैसे हैं, ये कभी भूल कर भी नहीं सोचा….
लेकिन उन समस्याओं से, मिलने वाली सीख को मत भूलिए.
क्योंकि सफलता का आकलन सदैव दूसरों के द्वारा होता है
जबकि संतुष्टि स्वयं के मन और मस्तिष्क द्वारा…
आप खुद अपनी नज़र के पिंजरे में कैद हो.
क्यूंकि उन्हें हर समाधान में भी समस्या नज़र आती है.
और जैसे हम हैं, वैसा तुम सोच भी नहीं सकते.
मुस्कुराने से ज्यादा समय मुस्कुराने और आलोचना करने से ज्यादा तारीफ करने में बिताएं.
जहां लोग तो बहुत हैं, पर अपना कोई नहीं…