सुविचार 2615
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त- व्यस्त है.
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त- व्यस्त है.
आप जो नहीं हैं उसके लिए खुद से नफरत करना बंद करें _ और जो कुछ भी आप पहले से हैं _ उसके लिए खुद से प्यार करना शुरू करें.
और जमाना औरों से मिलने का इलज़ाम लगा गया…
लेकिन मूर्ख व्यक्ति हमेशा खुद को परफेक्ट समझता है
वह खुद से होशियार और किसी को नहीं समझता.
ना जाने घर में कितनों का हौसला हूँ मैं.
क्योंकि उन ख्वाहिशों के कारण जिन्दगी जीने की चाहत बनी रहती है.
और यहां तुम फिक्र में पड़ जाते हो किसी दूसरे को बदलने की !
मर्जी आपकी, आप वापस क्या पाना चाहते हैं ?
_ हिस्से में किसी के, ऐसा सफर न आए !!