मस्त विचार 2505
ज़बान चलने लगी… लब-कुशाई करने लगे
नसीब बिगड़ा तो… गूंगे बुराई करने लगे
हमारे क़द के बराबर न आ सके जो लोग हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे ….!!!
नसीब बिगड़ा तो… गूंगे बुराई करने लगे
हमारे क़द के बराबर न आ सके जो लोग हमारे पाँव के नीचे खुदाई करने लगे ….!!!
और” असफलता” को अपना नसीब.
अगर आज का दिन अच्छा नहीं था _ तो कल आपको हमेशा दूसरा मौका देगा.
क्योंकि सीढ़िया वही होती हैं
बस कोई ऊपर की और चढ़ रहा होता है तो कोई निचे उतर रहा होता है.
क्योंकि बड़ी सफलता आसानी से नहीं मिलती है.
ऐसी स्थिति मत आने दो कि तुम्हें दूसरे के आगे मजबूर होना पड़े.
ये दिया कैसे जलता रह गया..
जिसका तुम एहसास करोगे.