मस्त विचार – 2020 नया साल – 2445
कल हार कर सोये थे, आज फिर एक, नई शुरुआत करेंगे !!
कल हार कर सोये थे, आज फिर एक, नई शुरुआत करेंगे !!
अगर जीतने की जिद हो तो परिस्थितियां भी हरा नहीं सकती.
तू मेरी हिम्मत देख…मेरी कोशिश देख…
पर हर बार आपको ही झुकना पड़े तो रुक जाओ.
मैंने पैसों से रिश्तों को बनते देखा है…
जिन्हें एक पन्ना भी नसीब नहीं होता
और पूरी हो जाती है.
मैं एक ऐसी ही किताब हूँ
जो बिना कुछ लिखे भी लिखी हुई है
पूरी तरह भरी हुई है
और इसका पूरापन यह है
कि यह पूरी तरह अधूरी है
– ‘सदैव ‘ –
फिक्र थी कि कोई रिश्ता ना बन जाए…