मस्त विचार 2364
आग अपने ही लगा सकते हैं,
गैर तो सिर्फ हवा देते हैं.
गैर तो सिर्फ हवा देते हैं.
जिनको उसकी ज्यादा ज़रुरत है.
कि जल जाओ कड़ी धुप में मगर,
अपनों से कभी साया- ए- दीवार न मांगों…
अब तो लोग अपने धब्बों पे गरूर करने लगे हैं.
आप अपने ज्ञान के अनुसार ही दूसरों को आंक सकते हैं..!!
लेकिन, फिर भी उनसे अपनों वाली खुशबू आती है.
अपनी असफलता की वज़ह से हूँ.
वो क्या चाहता है उसे करो.
वो ऐसा वार करते हैं कि पैरों तले जमीन खिसक जाती है.