सुविचार 2304
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
मैं सफलता की कुंजी नहीं जानता, लेकिन असफलता की कुंजी _ सभी को खुश करने की कोशिश करना है.
मिले जो कामयाबी सारे रिश्ते बोल पड़ते हैं.
मेरी खूबी पे रहते हैं यहां अहले ज़बान खामोश,
मेरे ऐबों पे चर्चा हो तो गूंगे बोल पड़ते हैं.
रब ने हर इंसान के लिए सफलता के लिए अलग- अलग प्रयासों की संख्या सुनिश्चित की है, जहां पहुंचते ही हमें अपनी मंजिल हासिल हो जाती है. अतः अपने प्रयासों को थमने न दें. एक दिन अचानक कामयाबी खुद आकर आपके कदम चूमेगी.
कोई जब पूछे कैसे हो…?? तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…
आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ
या काम करने के लिए जीता हूँ.
उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……