सुविचार 2299

आँखें कितनी भी छोटी क्यों ना हो,

ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.

मस्त विचार 2174

आज ना जाने क्यों आँख में आँसू आ गए,

पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,

मिलने कि तमन्ना थी आपसे,

लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,

मस्त विचार 2173

कुछ गलतियां सुधारी नहीं जाती

उसके साथ जिया जाता है,

उनके सुधार से परिस्थिति और बिगड़ जाती है.

सुविचार 2297

हारना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपनों से हो !

और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.

मस्त विचार 2172

‘इंसान’ की ‘फ़ितरत’ भी ‘अज़ीब’ है –

‘स्वयं’ की गलती पर तो ‘वकील’ बनता है..और

‘दूसरों’ की ‘गलती’ पर सीधे ‘जज’ बन जाता है.

मस्त विचार 2171

कोई रूठे कोई माने, मैं ना पीछे जाऊँगा.

मैं तो मस्त मगन हुआ, तेरी शरण में ही सुख पाऊँगा.

एक तो मस्ती इस दुनिया की, पल- पल है भटकावे.

दूजी मस्ती प्रेम तेरे की, हर पल बढ़ती जावे.

बहुत निहारा इस दुनिया को, दर्द ना किसी का बाँटा.

तेरी एक नजर से मिट गयी, मेरे दुख की रेखा.

तुझसे पाकर प्यार अनूठा फिर ना किसी को देखा.

तेरे संग मगन हुआ इस दुनिया को, जग को भुला.

सुविचार 2296

ज़िंदगी में कितने भी आगे निकल जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से पीछे रहेंगे.

ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें.

अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ.

“आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है

अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते है

तो आपकी यही सबसे बड़ी जीत है !!

सुविचार 2295

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं विनर और लूजर…

लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है

जिसमें वह विनर बन सकता है..

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