सुविचार 2448
किसी के बुरे वक़्त पर हँसने की गलती मत करना,,
ये “वक़्त” है यारों, चेहरे याद रखता है..!!
ये “वक़्त” है यारों, चेहरे याद रखता है..!!
बङा सोचो, कड़ी मेहनत करो, विनम्र रहो.
क्योंकि डर लगता है कहीं कोई अपना हमसे रूठ ना जाए.
ज़रा सी जमीन क्या हिली खुदा याद आ गया !
तो फिर वो किसी से नहीं हारता..
डाकिया ही चल बसा शहर ढूंढ़ते ढूंढ़ते !
इतनी नहीं कि जिंदगी तमाम हो जाये.
ज़मीन वाले आप का कुछ नही बिगाड़ सकते…
कि वह कभी किसी पुरुष को पीड़ित नहीं करता.
_लेकिन सज्जन [gentle] आदमी खोजना मुश्किल है.