मस्त विचार 2165

-उड़ जाएंगे एक दिन …,तस्वीर से रंगों की तरह !

हम वक्त की टहनी पर…, बेठे हैं परिंदों की तरह !!

‘केनवास’ पर बनी ‘पेंटिग’ को रचने में रंगों को अपना अस्तित्व मिटाना पड़ता है.

सुविचार 2290

” नज़र रखो अपने ‘विचार’ पर, क्योंकि वे ”शब्द” बनते हैँ.

नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर, क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ.

नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर, क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ.

नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर, क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ.

नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर, क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ.

नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर, क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ.

मस्त विचार 2164

तुमको देखा तो ये खयाल आया

जिंदगी धूप, तुम घना साया

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की

आज फिर दिल को हम ने समझाया

तुम चले जाओगे तो सोचेंगे

हमने क्या खोया हमने क्या पाया

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते

वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया.

सुविचार 2289

स्वास्थ्य सब से बड़ी संपत्ति है. संतोष सब से बड़ा खजाना है.

आत्मविश्वास सब से बड़ा दोस्त है.

सुविचार 2288

अगर दो लोग खुद को प्रेमी बतलाते हैं और एकदूसरे की

_ खुशियों व दुख को नहीं समझ सकते तो उन का प्यार खोखला है.

सुविचार 2287

काम वही करना चाहिए जिसे अच्छी तरह करने का मन में विश्वास हो,

ऐसा करने पर सफलता सुनिश्चित है.

मस्त विचार 2162

।। खुशी ।।

फितरत तो अच्छी रखिये जनाब,

चेहरों का क्या है, रोज़ बदलते हैं ।

रिश्तों को सहेज कर निभाना,

बड़ी मुक्कदर से ,अब, अपने मिलते हैं ।

शोर मत करिये, विनम्र रहिये,

गरजते बादलों से पानी कम ही बरसते हैं।

बातों की जादूगरी ज्यादा दिन चलती नहीँ,

सिक्के वही चलते है जो खरे होते हैं ।

पैसों की खनक जरूरत के लिये ठीक है,

इसका नशा बीमार कर देता है,

चैन मिलता है खुली हवाओं में,

महलों की चारदीवारी में तो दम घुटता है ।

खुलकर जी लो, हँस लो, बोल लो,

अपनों को निभा लो, सबको अपना बना लो,

जग अपना नहीँ बेगाना है,

कल सबको चले जाना है,

दूर जाने के बाद फिर नज़दीकियों के,

रास्ते कहाँ मिलते है ।

 

।। पीके ।।

सुविचार 2286

समय और पैसा ऐसी दो चीजें हैं, जिन्हें आप बिलकुल ही व्यर्थ नष्ट नहीं कर सकते.

इन्हें खर्च कर के आप कुछ न कुछ हासिल करते हैं. भले ही यह कुछ पश्चात्ताप ही हो.

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