मस्त विचार 2242
. बस इतनी सी बात. समंदर को खल गई~~
. एक काग़ज़ की नाव. मुझपे कैसे चल गई ~
. बस इतनी सी बात. समंदर को खल गई~~
. एक काग़ज़ की नाव. मुझपे कैसे चल गई ~
_ समझ लो कि हम, काँटों से घिर गए गुलाब हैं.
इसलिए कभी किसी का अपमान मत करो.
क्योंकि आप नहीं जानते की यह कितनी बाकी है.
खुशी तब आती है जब हम अपनी परेशानियों के बारे में शिकायत करना बंद कर देते हैं, और उन सभी परेशानियों के लिए धन्यवाद देते हैं जो हमारे पास नहीं हैं.
और जब पलटती है, तब पलटकर रख देती है.
इसलिये अच्छे दिनों मे अहंकार न करो …….
.लोग आपको दिल से याद करे तो समझ लेना आप पास हो गए.
और जो चीजे ज्यादा दिन तक चलती है वो जल्दी नही मिलती.
क्योंकि पूरी दुनिया में कारपेट बिछाने से खुद के पैरों में चप्पल पहन लेना कहीं अधिक सरल है.