मस्त विचार 2238
कुछ कहा मैंने,
पर शायद तूने सुना नहीँ..
तू छीन सकती है बचपन मेरा,
पर बचपना नहीं..
कुछ कहा मैंने,
पर शायद तूने सुना नहीँ..
तू छीन सकती है बचपन मेरा,
पर बचपना नहीं..
इस शब्द में कोई मात्रा नहीं है !
फिर भी अलग अलग मात्रा में सबके पास है !!…
“दुनिया” वालो की पसंद तो पलभर मे बदल जाती है।।”
बस सामने वाले को आपसे कोई काम पड़ना चाहिये….. . . . . . .
जान तब जाती जब तैरना नहीं आता….
परिस्थितियाँ कभी समस्या नहीं बनती
तभी बनती है जब परिस्थितियों से निपटना नहीं आता…
यदि आप वास्तव में कड़ी मेहनत करते हैं और दयालु हैं, तो आश्चर्यजनक चीजें घटित होंगी.
अब यही लोग न मिलने का सबब पूछते हैं.
लेकिन दूसरों के साथ “जुड़ने” पर उसकी कीमत दस गुना बढ़ा देता है.
लेकिन किसी दूसरे की नज़र से देखो तो आपके पास बहुत कुछ है.
_ पिछली रुत के बिछड़े साथी याद आते हैं..
_ मैंने हर बार _मिलने को याद रखा.._ आपने हर बार बिछड़ने को..!!