मस्त विचार 2157
जिसके हिस्से में रात आई है,
यक़ीनन उसके हिस्से में “चाँद” भी होगा.
यक़ीनन उसके हिस्से में “चाँद” भी होगा.
कोई तन का, कोई मन का, कोई धन का.
यदि उन्हें बहुत बड़ी महत्त्वाकांछाएं परेशान न किए हों.
इतना बोलने लगता है कि बकवास करने लग जाता है.
यकीन कर लो, कि कोई ना कोई, कहीं ना कहीं,
आपके लिए दुआ कर रहा है.
आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……
लक्ष्य की तलाश आपको व्यस्त, सक्रिय और रचनात्मक रखती है.
तेरी एक नजर ही जीवन निखार गई..