Collection of Thought 619
आप जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा बहादुर हैं, जितना आप दिखते हैं उससे ज्यादा होशियार और जितना आप सोचते हैं उससे ज्यादा मजबूत हैं.
आप जितना सोचते हैं उससे कहीं ज्यादा बहादुर हैं, जितना आप दिखते हैं उससे ज्यादा होशियार और जितना आप सोचते हैं उससे ज्यादा मजबूत हैं.
*तुम सुनो ना सुनो,* *मै तुम्हे यूँही पुकारा करूँ…*
*तुम मिलो ना मिलों,* मै तुम्हे यूँही पाना चाहूँ….*
*तुम कहो ना कहो,* *मै तुम्हे यूँही सुना करूँ……*
*तुम देखो ना देखो,* *मै तुम्हे बस निहारा करूँ…*
अपने भीतर अपने आप को………”
असल में वह व्यस्त नहीं बल्कि अस्त-व्यस्त है.
पूरी कायनात उसे आपसे मिलाने की कोशिश में लग जाती है.
मंजिल को दायरे से निकल कर तलाश कर.
सिर्फ सेहत के सहारे जिंदगी कटती नहीं.
और सब कुछ ख़त्म हो जाए.
अब दर्द न मिले तो दर्द सा होता है.