मस्त विचार 2176

लौट आता हूँ वापस घर की तरफ… हर रोज़ थका-हारा,

आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ

या काम करने के लिए जीता हूँ.

सुविचार 2301

जितना एक मूर्ख व्यक्ति किसी बुद्धिमानी भरे उत्तर से नहीं सीख सकता,

उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.

मस्त विचार 2175

अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!

जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….

अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……

सुविचार 2300

कोशिश करें दिन की शुरुआत अच्छी हो. बहुत बार छोटछोटी बातों से मूड खराब हो जाता है और हम कुछ नहीं करते, सिर्फ चिड़चिड़ होती है. इसलिए सुबह उठने के बाद एक नए जोश के साथ दिन की शुरुआत करें.

सुविचार 2299

आँखें कितनी भी छोटी क्यों ना हो,

ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.

मस्त विचार 2174

आज ना जाने क्यों आँख में आँसू आ गए,

पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,

मिलने कि तमन्ना थी आपसे,

लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,

मस्त विचार 2173

कुछ गलतियां सुधारी नहीं जाती

उसके साथ जिया जाता है,

उनके सुधार से परिस्थिति और बिगड़ जाती है.

सुविचार 2297

हारना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपनों से हो !

और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.

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