मस्त विचार 2172

‘इंसान’ की ‘फ़ितरत’ भी ‘अज़ीब’ है –

‘स्वयं’ की गलती पर तो ‘वकील’ बनता है..और

‘दूसरों’ की ‘गलती’ पर सीधे ‘जज’ बन जाता है.

मस्त विचार 2171

कोई रूठे कोई माने, मैं ना पीछे जाऊँगा.

मैं तो मस्त मगन हुआ, तेरी शरण में ही सुख पाऊँगा.

एक तो मस्ती इस दुनिया की, पल- पल है भटकावे.

दूजी मस्ती प्रेम तेरे की, हर पल बढ़ती जावे.

बहुत निहारा इस दुनिया को, दर्द ना किसी का बाँटा.

तेरी एक नजर से मिट गयी, मेरे दुख की रेखा.

तुझसे पाकर प्यार अनूठा फिर ना किसी को देखा.

तेरे संग मगन हुआ इस दुनिया को, जग को भुला.

सुविचार 2296

ज़िंदगी में कितने भी आगे निकल जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से पीछे रहेंगे.

ज़िंदगी में कितने भी पीछे रह जाएँ, फिर भी सैकड़ों लोगों से आगे होगें.

अपनी जगह का लुत्फ़ उठाएँ.

“आपका असली मुकाबला केवल अपने आप से है

अगर आप आज खुद को बीते हुए कल से बेहतर पाते है

तो आपकी यही सबसे बड़ी जीत है !!

सुविचार 2295

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं विनर और लूजर…

लेकिन जिंदगी हर लूजर को एक मौका जरूर देती है

जिसमें वह विनर बन सकता है..

मस्त विचार 2170

अच्छाई और बुराई दोनों हमारे अंदर है, _

_ जिसका अधिक प्रयोग करोगे, वो उभरती व निखरती जाएगी ..

सुविचार 2294

जो मनुष्य अपने हर्ष को छिपा सकता है,

वह उस से महान है, जो अपने दुःखों को छिपा सके.

Collection of Thought 628

Happiness arises in a state of peace, not of tumult.

सुख शांति की स्थिति में उत्पन्न होता है, अशांति से नहीं.

मस्त विचार 2168

सजा बन जाती है गुजरे वक़्त की यादें,

_ ना जाने क्यों लोग, मतलब के लिए मेहरबान होते हैं.

हम जैसे हैं वैसा स्वीकारने वाले इस दुनिया में कम होते हैं,

_ ग़र कोई हमारी ज़िंदगी में ऐसा है तो यकीं करिए, हम पर ख़ुदा की मेहर है.!!

सुविचार 2293

सारा उत्तरदायित्व अपने कन्धों पर लो.

याद रखो कि आप स्वयं अपने भाग्य के निर्माता हो.

आप जो कुछ बल या सहायता चाहो, सब आपके ही भीतर विद्यमान है.

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