सुविचार 2195

“जीवन का सत्य”

‘लोहा’ नरम होकर…’औजार’ बन जाता है,

‘सोना’ नरम होकर…’जेवर’* बन जाता है,

‘मिट्टी’ नरम होकर…’खेत’* बन जाती है,

‘आटा’ नरम होता है तो ‘रोटी’ बन जाती है,

ठीक इसी तरह अगर “इंसान” भी नरम हो जाये तो लोगो के “दिलों” मे अपनी जगह बना लेता है.

_सदैव बेहतर की उम्मीद करे !_”खुश रहिये मुस्कुराते रहिये”

सुविचार 2194

रूठने का हक़ तो अपने ही देते हैं, परायों के सामने तो मुस्कुराना ही पड़ता है.

Collection of Thought 609

All our dreams can come true, if we have the courage to pursue them.

हमारे सभी सपने सच हो सकते हैं,  _ अगर हम उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं.

मस्त विचार 2069

दुख के दस्तावेज हों या सुख की वसीयत,

ध्यान से देखोगे तो नीचे मिलेंगे, “खुद के ही दस्तखत”.

सुविचार 2193

चाहे आप अपनी जिंदगी में कितने भी ऊपर उठ जाओ,

लेकिन कभी अपनी गरीबी और कठिनाई के दिन न भूलना.

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