सुविचार 2283
दूसरों की जेब देखने से “धन” नहीं मिलता.
आप जो बनना चाहते हैं, वही बनें, क्योंकि आपके पास केवल एक ही जीवन है और वह सब कुछ करने का एक मौका है जो आप करना चाहते हैं.
यक़ीनन उसके हिस्से में “चाँद” भी होगा.
कोई तन का, कोई मन का, कोई धन का.
यदि उन्हें बहुत बड़ी महत्त्वाकांछाएं परेशान न किए हों.
इतना बोलने लगता है कि बकवास करने लग जाता है.
यकीन कर लो, कि कोई ना कोई, कहीं ना कहीं,
आपके लिए दुआ कर रहा है.
आखिर कहाँ तक उडेगी…
हवाओं ने जब साथ छोडा तो आ कर जमीन पर ही बिखरेगी……