मस्त विचार 2175
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……
प्रेम बुद्धि पर कल्पना की विजय है.
ताक़त तो उसमें सारा आसमान देखने की होती है.
पैगाम लिखते-लिखते ख्वाब याद आ गए,
मिलने कि तमन्ना थी आपसे,
लेकिन आँसू में आप नज़र आ गए,
उसके साथ जिया जाता है,
उनके सुधार से परिस्थिति और बिगड़ जाती है.
और जीतना तब आवश्यक हो जाता है, जब लड़ाई अपने आप से हो.
‘स्वयं’ की गलती पर तो ‘वकील’ बनता है..और
‘दूसरों’ की ‘गलती’ पर सीधे ‘जज’ बन जाता है.
मैं तो मस्त मगन हुआ, तेरी शरण में ही सुख पाऊँगा.
एक तो मस्ती इस दुनिया की, पल- पल है भटकावे.
दूजी मस्ती प्रेम तेरे की, हर पल बढ़ती जावे.
बहुत निहारा इस दुनिया को, दर्द ना किसी का बाँटा.
तेरी एक नजर से मिट गयी, मेरे दुख की रेखा.
तुझसे पाकर प्यार अनूठा फिर ना किसी को देखा.
तेरे संग मगन हुआ इस दुनिया को, जग को भुला.