मस्त विचार 2166
वो #रास नहीं आये, जिन्हें #चाहा वो साथ नहीं आये !
वो #रास नहीं आये, जिन्हें #चाहा वो साथ नहीं आये !
या अपने “गुरुर” से देख रहे हो !
हम वक्त की टहनी पर…, बेठे हैं परिंदों की तरह !!
नज़र रखो अपने ‘शब्द’ पर, क्योंकि वे ”कार्य” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘कार्य’ पर, क्योंकि वे ”स्वभाव” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘स्वभाव’ पर, क्योंकि वे ”आदत” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘आदत’ पर, क्योंकि वे ”चरित्र” बनते हैँ.
नज़र रखो अपने ‘चरित्र’ पर, क्योंकि उससे ”जीवन आदर्श” बनते हैँ.
जिंदगी धूप, तुम घना साया
आज फिर दिल ने एक तमन्ना की
आज फिर दिल को हम ने समझाया
तुम चले जाओगे तो सोचेंगे
हमने क्या खोया हमने क्या पाया
हम जिसे गुनगुना नहीं सकते
वक़्त ने ऐसा गीत क्यों गाया.
आत्मविश्वास सब से बड़ा दोस्त है.
और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती है.
एक असफलता सफलता के कई रास्ते खोलती है.
_ खुशियों व दुख को नहीं समझ सकते तो उन का प्यार खोखला है.
ऐसा करने पर सफलता सुनिश्चित है.