मस्त विचार 2015

हसरतें दिल की सब मेरी जुबां पर आने लगी.

देख के तुमको ये जिंदगी मुस्कुराने लगी.

ये इश्क़ की इन्तेहां है या दीवानगी मेरी

हर सूरत में सूरत तेरी नजर आने लगी.

सुविचार 2139

हम हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि हमारे पास क्या नहीं है,

हम इस बारे में कभी नहीं सोचते कि हमारे पास कितना है.

मस्त विचार – अगर तुम मिलने आ जाओ – 2012

तमन्ना फिर मचल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ

यह मौसम ही बदल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
मुझे गम है कि मैने जिन्दगी में कुछ नहीं पाया
ये ग़म दिल से निकल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
नहीं मिलते हो मुझसे तुम तो सब हमदर्द हैं मेरे
ज़माना मुझसे जल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ
ये दुनिया भर के झगड़े, घर के किस्से, काम की बातें
बला हर एक टल जाए, अगर तुम मिलने आ जाओ.
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