सुविचार 2136
उनसे यह बोलो कि आपको पूरा अधिकार है इस बात पर गुस्सा होने का, इस बात से वह व्यक्ति बिना बोले शांत हो जायेगा.
उनसे यह बोलो कि आपको पूरा अधिकार है इस बात पर गुस्सा होने का, इस बात से वह व्यक्ति बिना बोले शांत हो जायेगा.
काम पड़ा तो मलमल,
नहीँ तो टाट का पैबन्द हो गये ।
खिलखिला कर हँसना, भूल गये,
हल्के से मुस्कराकर, रस्म अदा हो गये ।
पहले लड़ भी जाते थे किसी से भी, किसी के लिये,
अब क्या बीच मे पड़ना, चुप ही रहना, बस,
अपने अपनों के दायरे, कितने सीमित हो गये ।
पीढ़ी दर पीढ़ी फ़ासले दरम्यां ऐसे बढ़े,
खून के रिश्ते पानी हो गये,
बुढ़ापे के नाम, दिन जवानी हो गये ।
अपनों से अपनों की सुन सुन कर,
अपने अपनों से दूर हो गये ,
कुछ बताये गये, कुछ भुलाये गये,
जो रंजिशों की बात हुई तो सुनते गये,
रिश्ते बचाने की बात पर, कान बहरे हो गये,
देखो कितने फासले हो गये,
सिर रख कर रो सके, जी हल्का कर सके,
जाने वो काँधे कहाँ चले गये ?
क्या बाँटेगा गम कोई किसी का,
बातों के सिलसिले ही अब खतम हो गये।
बदमज़ा हो जायेगी ये ज़िन्दगी,
इन फासलों से ,
अपनों से जो दूर गये तो खुद से दूर हो जायेंगे,
क्या पता कल अपने अपनों के दरम्यान, रहें ना रहें ,
कुछ ऐसा करो अपने आ जाये अपनों के पास,
बनी रहे विरासत के रिश्तों की मिठास,
कल अपने अपनों से कह सके,
दूरियों के दिन अब दूर गये, रिश्तों से रिश्ते जुड़ गये।
।। पीके ।।
उसके लिए एक अच्छे मन की जरुरत होती है.
जिसको दिल का हाल बताने के लिए लफ़्ज़ों की जरुरत न पड़े.
आपसे मैं कुछ सीख लूँ, यह मेरा परम सौभाग्य है.
अब ये है कि …. ज़िन्दगी आ रहा हूँ मैं.
यदि लोग आपको मूर्ख बनाने का प्रयास करते है तो याद रखिये की नम्रता और शान्ति में बहुत बड़ी समझदारी है !
यानी आप शान्ति और समझ से प्रतिरोध करें, ज्यादा बेहतर होगा !!!
महापुरुष हमेशा स्वभाव से उदास होते हैं.
जो उनसे नफरत करते हैं, उनका काम गंदगी और कचरा पैदा करना है.
निरंतरता ही सफलता की कुंजी है, जो लोग निरंतरता से कार्य करते हैं,
वे जीवन में सफल इंसान के रूप में पहचाने जाते हैं.