मस्त विचार 2179
तू है पुजारी कर्म का
थोडा तो इंतज़ार कर
विश्वास को दृढ़ बना
संकल्प को कृत बना
एक कोशिश और कर बैठ न तू हार कर.
तू है पुजारी कर्म का
थोडा तो इंतज़ार कर
विश्वास को दृढ़ बना
संकल्प को कृत बना
एक कोशिश और कर बैठ न तू हार कर.
हमारे कर्मों की आवाज खुद- ब- खुद हमारी सफलता बताती है.
मैं सफलता की कुंजी नहीं जानता, लेकिन असफलता की कुंजी _ सभी को खुश करने की कोशिश करना है.
मिले जो कामयाबी सारे रिश्ते बोल पड़ते हैं.
मेरी खूबी पे रहते हैं यहां अहले ज़बान खामोश,
मेरे ऐबों पे चर्चा हो तो गूंगे बोल पड़ते हैं.
रब ने हर इंसान के लिए सफलता के लिए अलग- अलग प्रयासों की संख्या सुनिश्चित की है, जहां पहुंचते ही हमें अपनी मंजिल हासिल हो जाती है. अतः अपने प्रयासों को थमने न दें. एक दिन अचानक कामयाबी खुद आकर आपके कदम चूमेगी.
कोई जब पूछे कैसे हो…?? तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…
आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ
या काम करने के लिए जीता हूँ.
उस से अधिक एक बुद्धिमान एक मूर्खतापूर्ण प्रश्न से सीख सकता है.
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……