मस्त विचार 2068
मैं तो यूँ ही आया था तेरे दर की रौनक देखने,
मुझे क्या पता था कि तुम दीवाना बना दोगे..
मुझे क्या पता था कि तुम दीवाना बना दोगे..
जब आप अपने पैसों की गिनती करते हैं.
वर्ना जो आगे मिलने वाला है उसे भी खो दोगे.
दूसरों के मामले में अड़ाने के लिए नहीं.
वो हम पर जान देता है….!
खुशियाँ मीठी गोली में हज़ार मिलती थी.
कोई राहबर बना तो कोई पलट गया.
मनुष्य का अपना चरित्र ही उसके भाग्य का मध्यस्थ होता है.