सुविचार 2006

पैसा और सफलता इंसान को बदलते नहीं हैं, वे सिर्फ उसे बढ़ा देते हैं जो उनमे पहले से मौजूद है.

सुविचार 2005

ज्यादातर असफल लोग अपनी खराब आदतों, उल्टी सोच, एवं भोगी शरीर के गुलाम होते है.

सुविचार 2004

इंसान कुछ भी करे, रचनात्मक होना चाहिए. यही तो आनंद है जिंदगी का कि आप अपने समय का सदुपयोग कैसे करते हैं या अपनी ऊर्जा को कैसे कामों में लगाते हैं या मन को कैसे व्यस्त रखते हैं. इन सब बातों पर विचार करें.

इसलिए रचनात्मक, क्रियात्मक कार्य करते रहें. खुल कर जीयें ! खिलकर जीयें ! सड़ कर नहीं जीना चाहिये. मन की पुरानी आदत है, वह खिलानेवाली बातों को भूल ही जाता है.

मस्त विचार 1877

ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है, उम्र का पानी.

वक़्त की बरसात है कि….थमने का नाम नहीं ले रही…

सुविचार 2002

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार,

किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार,

किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार…जीना इसी का नाम है.

error: Content is protected