सुविचार 2078

अनेक पतंग कट जाने का दुःख, एक दिन आपको सीखा देता है, __अपनी पतंग को कैसे सुरछित रखना है.

मस्त विचार – सब कुछ किसी को नहीं मिलता – 1953

सब कुछ किसी को नहीं मिलता,

गुलाब के पास सुगंध है तो चमक नहीं,

सोने के पास चमक है तो सुगंध नहीं,

कोयल के पास कंठ है पर सौंदर्य नहीं,

मोर के पास सौंदर्य है पर कंठ नहीं,

कुछ न कुछ कम या अधूरा रह ही जाता है.

सुविचार 2077

कोई भी *रिश्ता* बनाओ, उसकी कीमत तभी तक है जब तक उसमे *प्रेम* है। और जब प्रेम नहीं तो कोई भी सम्बन्ध *बंधन* है। और जहाँ बंधन है वहां *जिंदगी* नहीं, और जिस जिंदगी में प्रेम नहीं वह जिंदगी पहाड़ जैसी बोझिल हो जाती है। जिंदगी तो विदा हो जाती है और आदमी बस *वेंटिलेटर* पर जैसे *सांस* चलती है, बस ऐसे ही सांस लेता रहता है। और केवल सांस लेना ही जिंदगी नहीं होती। उस जिंदगी में रिश्ते भी होते हैं, जिनमें *प्रेम, सम्मान और संवेदना* भी होती है। और जिस भी रिश्ते में ये सब होता है उसे किसी *रक्षा* की जरूरत नहीं होती, वह सबसे बड़ी *ताकत* होती है। *धागा* तो एक *प्रतीक* है, हमें बहुत बार प्रतीकों में बात करनी होती है जिन्दगी को बेहतर बनाने के लिए.

मस्त विचार – “वक़्त जाता रहा” – 1952

“वक़्त जाता रहा”

नाकामियों को अपनी संवारते ही रहे हम.

खंडहरों में जिंदगी तलाशते ही रहे हम.

उठते रहें हैं अक्सर तूफां बीती यादों के.

सुबह शाम यादों को बुहारते ही रहे हम.

न की परवा किसी ने रत्तीभर भी हमारी.

मारे दर्द के दिन रात कराहते ही रहे हम.

अपनी मदद को कोई इक बार भी न आया.

पुकारने को तो सब को पुकारते ही रहे हम.

जब वक़्त पड़ा हम पर, सब मुहं मोड़ बैठे.

रिश्तों की पोटली को संभालते ही रहे हम.

“वक़्त जाता रहा”

Collection of Thought 586

If you want to be strong, learn how to fight alone.

अगर आप मजबूत बनना चाहते हैं, तो अकेले लड़ना सीखें.

सुविचार 2076

प्रतिबद्ध मन को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है,__ पर अंत में उसे अपने परिश्रम का फल मिलेगा.

मस्त विचार – सुकून उतना ही देना – 1951

सुकून उतना ही देना, जितने से जिंदगी चल जाए,

औकात बस इतनी देना कि, औरों का भला हो जाए,

रिश्तो में गहराई इतनी हो कि, प्यार से निभ जाए,

आँखों में शर्म इतनी देना कि, बुजुर्गों का मान रख पायें,

साँसे पिंजर में इतनी हों कि, बस नेक काम कर जाएँ,

बाकी उम्र ले लेना कि, औरों पर बोझ न बन जाएँ.

सुविचार 2075

असंभव समझे जाने वाला कार्य संभव करके दिखाये, उसे ही प्रतिभा कहते हैं.

मस्त विचार 1950

मेरा बिगड़ा हुआ लहजा दिखता है सबको,

_मेरी बिखरी हुई जिंदगी किसी को नहीं दिखती..!!

कहाँ-कहाँ से तुझे संभालूं ए ज़िन्दगी,

_जहाँ देखता हूँ तू बिखरी नज़र आती है..!!

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