सुविचार 2078
अनेक पतंग कट जाने का दुःख, एक दिन आपको सीखा देता है, __अपनी पतंग को कैसे सुरछित रखना है.
मस्त विचार – सब कुछ किसी को नहीं मिलता – 1953
गुलाब के पास सुगंध है तो चमक नहीं,
सोने के पास चमक है तो सुगंध नहीं,
कोयल के पास कंठ है पर सौंदर्य नहीं,
मोर के पास सौंदर्य है पर कंठ नहीं,
कुछ न कुछ कम या अधूरा रह ही जाता है.
सुविचार 2077
मस्त विचार – “वक़्त जाता रहा” – 1952
नाकामियों को अपनी संवारते ही रहे हम.
खंडहरों में जिंदगी तलाशते ही रहे हम.
उठते रहें हैं अक्सर तूफां बीती यादों के.
सुबह शाम यादों को बुहारते ही रहे हम.
न की परवा किसी ने रत्तीभर भी हमारी.
मारे दर्द के दिन रात कराहते ही रहे हम.
अपनी मदद को कोई इक बार भी न आया.
पुकारने को तो सब को पुकारते ही रहे हम.
जब वक़्त पड़ा हम पर, सब मुहं मोड़ बैठे.
रिश्तों की पोटली को संभालते ही रहे हम.
“वक़्त जाता रहा”
Collection of Thought 586
अगर आप मजबूत बनना चाहते हैं, तो अकेले लड़ना सीखें.
सुविचार 2076
प्रतिबद्ध मन को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है,__ पर अंत में उसे अपने परिश्रम का फल मिलेगा.
मस्त विचार – सुकून उतना ही देना – 1951
औकात बस इतनी देना कि, औरों का भला हो जाए,
रिश्तो में गहराई इतनी हो कि, प्यार से निभ जाए,
आँखों में शर्म इतनी देना कि, बुजुर्गों का मान रख पायें,
साँसे पिंजर में इतनी हों कि, बस नेक काम कर जाएँ,
बाकी उम्र ले लेना कि, औरों पर बोझ न बन जाएँ.
सुविचार 2075
असंभव समझे जाने वाला कार्य संभव करके दिखाये, उसे ही प्रतिभा कहते हैं.
मस्त विचार 1950
_मेरी बिखरी हुई जिंदगी किसी को नहीं दिखती..!!
_जहाँ देखता हूँ तू बिखरी नज़र आती है..!!





