मस्त विचार 1872
कौन कहता है कि तन्हाई अच्छी नही होती…
ये खुद से मिलने का बड़ा हसीन मौका है…!!
ये खुद से मिलने का बड़ा हसीन मौका है…!!
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते….
एकांत में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है – चरित्र को छोड़कर.
भाग्य मूर्खों की गलतफहमी है.
आप अपना ख़्याल तो रखिये !!
वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..
दामन पकड़ के रोक लेना..
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं…
चाहे उस का जन्म कितनी ही नगण्यता से हुआ हो.