सुविचार 1992

प्रकृति में इंसान की आवश्यकता के लिए भरपूर तत्व हैं. कुदरत की इस देन पर पृथ्वी में पलने वाले प्रत्येक जीव का अधिकार है.

Collection of Thought 569

Live life to the fullest, and focus on the positive.

जीवन को पूरी तरह से जिएं,  _ और सकारात्मक पर ध्यान दें.

सुविचार 1991

मानव स्वभाव यही है कि वे उन लोगों को नजरअंदाज करने लगते हैं, जो उन्हें पसंद करते हैं

और उन पर अधिक ध्यान देते हैं,,, जो उनकी उपेक्षा करते हैं,,,,..!

सुविचार 1990

जीवन में जो कुछ मिला, उसकी सीमाओं में प्रसन्न होना – प्रसन्नता की उच्चतम सीमा  है.

मस्त विचार 1865

तेरे मन के आँगन की मिट्टी में कुछ यादें बो आया हूँ,

फूल बन महकूँगा तुम मुझे पहचान लेना !!

मस्त विचार 1864

खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी,

प्यार की मोहताज़ है मेरी जिंदगी,

हस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए,

वर्ना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी.

मस्त विचार 1863

रिश्तों का एहसास अभी रहने दो,

थोड़ी सी तो प्यास अभी रहने दो.

चन्द चोटों से क्या घबराना,

मनुहार की आस अभी रहने दो.

तपते है कड़ी धूप में, झुलसते हैं,

तब डाल पर फूल कहीं खिलते हैं.

इन फूलों की खुशबु को,

फ़िजा में अभी तुम बिखरने दो.

बेशकीमती है ये आँसुओं के मोती,

अभी न इनको पलकों से बहने दो.

माना खुशी देती है, यादों की अविरल धारा,

क्या हासिल होता है, अतीत में डूबकर,

यादों के काफिलों को शहर से गुजरने दो.

खालीपन में अपनों से मिलकर,

प्रेम के मोती सजने दो.

कोरी आँखों मे ख्वाब भी नहीं आते,

इन आँखों की नमीं अभी रहने दो.

क्या पता कब आ जाये कोई थामने वाला,

काँधे पे सिर रख कर, फुट फुट कर,

गम का समन्दर बहने दो,

एहसास रहने दो, प्यास रहने दो ।।

।। पीके ।।

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