सुविचार 1961

अच्छा स्वभाव वह खूबी है जो सदा के लिए सभी का प्रिय बना देता है. कितना भी किसी से दूर हों, पर अच्छे स्वभाव के कारण आप किसी न किसी पल यादों में आ ही जाते हो.

“इसलिए स्वभाव भी इंसान की अपनी कमाई हुयी सबसे बड़ी दौलत है”

Collection of Thought 563

When you finally get something good, enjoy it. Don’t go looking for something better.

जब आपको अंत में कुछ अच्छा मिले, तो उसका आनंद लें, _ कुछ बेहतर की तलाश में मत जाओ.

Quotes by स्टीफन हॉकिंग

चाहे जिन्दगी जितनी भी कठिन लगे, आप हमेशा कुछ न कुछ कर सकते हैं और सफल हो सकते हैं.
ऊपर सितारों की तरफ देखो अपने पैरों के नीचे नहीं. जो देखते हो उस का मतलब जानने की कोशिश करो और आश्चर्य करो कि क्या है जो ब्रह्माण्ड का अस्तित्व बनाए हुए है, उत्सुक रहो.
बुद्धिमत्ता बदलाव के अनुरूप ढलने की छमता है.
अन्य विकलांग लोगों के लिए मेरी सलाह होगी कि उन चीजों पर ध्यान दें जिन्हें अच्छी तरह से करने से आप की विकलांगता नहीं रोकती, और उन चीजों के लिए अफसोस न करें जिन्हें करने में यह बाधा डालती है.
मुझे लगता है ब्रह्माण्ड में और ग्रहों पर जीवन आम है, हालांकि बुद्धिमान जीवन कम ही है. वहीं, कुछ का कहना है इस का अभी भी पृथ्वी पर आना बाकी है.
हम एक औसत तारे के छोटे से ग्रह पर रहने वाले बंदरों की एक उन्नत नस्ल हैं, लेकिन हम ब्रह्माण्ड को समझ सकते हैं, यह हमें कुछ खास बनाता है.
मैं चाहूंगा न्यूक्लियर फ्यूजन व्यावहारिक ऊर्जा का स्त्रोत बने. यह प्रदूषण या ग्लोबल वार्मिंग के बिना, ऊर्जा की अटूट आपूर्ति प्रदान करेगा.
लाइफ दुखद होगी अगर यह अजीब न हो.
जब किसी की उम्मीद एकदम खत्म हो जाती है, तब वह सचमुच हर उस चीज की महत्ता समझ पाता है जो उस के पास है.
मैं, बस एक बच्चा हूं जो कभी बड़ा नहीं हुआ. मैं अभी भी ‘कैसे’ और ‘क्यों’ वाले सवाल पूछता रहता हूं. कभीकभार मुझे जवाब मिल जाता है.
काम आप को अर्थ और उद्देश्य देता है और इस के बिना जीवन अधूरा है.
मेरा लछ्य स्पष्ट है. ये ब्रह्माण्ड को पूरी तरह समझना है, यह जैसा है वैसा क्यों है और आखिर इस के अस्तित्व का कारण क्या है.
विज्ञान लोगों को गरीबी व बीमारी से निकाल सकता है और सामाजिक अशांति खत्म कर सकता है.
कभीकभी मुझे आश्चर्य होता है कि क्या मैं अपनी व्हीलचेयर और विकलांगता के लिए उतना ही प्रसिद्ध हूं जितना अपनी खोजों के लिए.
मेरा विश्वास है कि चीजें खुद को असंभव नहीं बना सकती.
यदि आप यूनिवर्स को समझते हैं तो एक तरह से आप इसे नियंत्रित करते हैं.
वास्तविकता की कोई अनूठी तसवीर नहीं होती.
मेरी पहली लोकप्रिय किताब , ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री औफ टाइम, ‘ ने काफी रूचि पैदा की, लेकिन कई लोगों को इसे समझने में कठिनाई हुई.
हम यहां क्यों हैं ? हम कहां से आते हैं ? परंपरागत रूप से, ये फिलौसोफी के सवाल हैं, लेकिन फिलौसोफी मर चुकी है.

सुविचार 1959

सबसे ज्यादा गुस्सा उस वक़्त आता है,

जब कोई खुद गलत होकर भी आपको गलत साबित करने की कोशिश करे.

मस्त विचार 1834

हर कोई अपना भाग्य बनाने में लगा है,

और दुर्भाग्य ये कि भाग्य से जो मिला है उसे जी नही पा रहा.

मस्त विचार 1833

आज तुम्हारे पास वही है, जिसके लिए तुमने प्रयास किया,

और इससे पहले तुम्हारी नई माँग की लहर इसको डुबा दे … इसे जी लो.

सुविचार 1958

कितना ही समय बीत जाए जब तक हम किये कर्म का फल नहीं भोग लेते वो कर्म क्षीण नहीं होता, शुभ अशुभ जैसे भी हम कर्म करते हैं उनका फल भोगना ही पड़ता है ! अतः कर्म करते समय उसके फल की चाह ध्यान में नहीं रखे किन्तु उसके परिणाम को कभी न भूले !!!

मस्त विचार 1832

“नाम” और “बदनाम” में क्या फर्क है ?

नाम” खुद कमाना पड़ता है “बदनामी” लोग आपको कमा के देते हैं.

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