मस्त विचार 1914
किसी किताब से नहीं मिलती अपनी जिंदगी.
किसी किताब से नहीं मिलती अपनी जिंदगी.
कोई दिल से कुछ भी सीखना चाहे, तो उसके लिए वह समय निकाल लेगा, जो कहते हैं कि उनके पास नया सीखने के लिए समय नहीं है, वह सीखना नहीं चाहते हैं. इस तरह के लोग ही बदलाव का सबसे पहले विरोध करते हैं. उन्हें लगता है कि पुराना दौर ही ठीक था.
सकारात्मक सोच विकसित करने का कोई फार्मूला है क्या ? नहीं, इसका कोई किताबी फार्मूला नहीं है. अगर कुछ बातों का ध्यान रखा जाये,
किन बातों का ? हर परिस्थिति में खुश रहने की कोशिश करनी चाहिए. खुद आशावादी होना चाहिए और निराशावादी लोगों से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए. सकारात्मक सोच ताकत देता है, संभावनाओं का द्वार है.
वो आपकी ऐसी आँखें खोलेगा के आपको दूर- दूर तक साफ नजर आएगा.
बेशक रोशनी कम करे, पर दिखाई बहुत दूर से भी देता है.
राब्ता सब से होगा लेकिन वास्ता किसी से नहीं .!!!
लेकिन मैंने उन लोगों में उसे पाय़ा है,
जिन्होंने मेरा तब साथ दिया, जब बाकि सारी दुनिया ने मेरा साथ नहीं दिया.
एक दिन तुम कुछ लोगों के लिए सिर्फ एक याद बनकर रह जाओगे, _ एक अच्छा बनने की पूरी कोशिश करें.
फिर तू मुझे “तराशने” की कोशिश में है..!!!”
अपनी कमजोरियों को ही अपनी ताकत बना डालो,
यह काम है मुश्किल, कहते हैं हारनेवाले,
तुम हर मुश्किल को आंसा और मुमकिन बना डालो,
बहाने हैं बहुत, हारनेवालों की किस्मत में,
तुम हर बहाने को ही निशाना बना डालो.
हारने वाले करेंगे, काम कल-परसों,
तुम्हें जो भी करना है, बस आज कर डालो,
हारना या जीतना, फर्क बस एक नजरिया का,
उन्हें खाली की चिंता है, तुम भर कर दिखा डालो,
तुम विजेता हो, जीतने की आदत बना डालो.