सुविचार 2090
पुरुषार्थ से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है.
पुरुषार्थ से असंभव कार्य भी संभव हो जाता है.
जब वक्त बदलेगा तो हर तरफ होगा शोर मेरा.
किसी की आँख में हम को भी इंतजार दिखे.
_यूँ चुप से क्यूँ हो ..अजी कुछ तो बोलिए..
कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन हैं और आपके जीवन में क्या होता है, आपके पास अभी भी अपने जीवन को बदलने और महान बनने का मौका है.
सीढ़ियों को देखते रहना ही पर्याप्त नहीं है, उन पर चढ़ना भी जरुरी है.
…….बेहतरीन को खो देते हैं.
और सबसे महँगी उसे मोहब्बत ही पड़ती है !!
छोटी सी चादर से उम्मीदें बड़ी रखता हूँ…