Collection of Thought 559
एक सफल जीवन वह है जिसकी मृत्यु के समय मन में कोई इच्छा नहीं बची हो.
एक सफल जीवन वह है जिसकी मृत्यु के समय मन में कोई इच्छा नहीं बची हो.
*ज्यादा “होशियार” तो हमेशा* *’उलझा’ हुआ रहता है…!*
कंजूस को दान देना बुरा लगता है, लोभी को मांगने वाला बुरा लगता है, चोरों को प्रकाश बुरा लगता है, मुर्ख को समझाने वाला उपदेशक बुरा लगता है, कर्जदार को तगादा बुरा लगता है ,रूपवान को बुढ़ापा अच्छा नहीं लगता, निर्धन को धनवान अच्छा नहीं लगता, जिसका मन- शोक चिंता से ग्रसित और व्याकुल हो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता, अतः शोक और चिंता से बचे !!!
_ निर्भर आप पर करता है कि आप प्यार बोते हैं या नफरत.!!
बड़ी कशमकश मे हूँ ऐ जिंदगी कहाँ हूं और कहाँ नही हूँ…!!!
कमाले बुजदिली है पस्त होना अपनी आँखों में,
थोड़ी सी हिम्मत हो तो फिर क्या हो नहीं सकता …..
किसी भी परिस्थिति में निराश या हताश मत होइए !
धैर्य, विवेक और साहस से हर स्थिति पर विजय पाइए !!!!
और थकान शाम को अपना घर मांगती है.
आप लोगों को कभी नहीं बदल सकते, वे वही हैं जो वे हैं, इसे स्वीकार करें, _ लेकिन आप हमेशा बदल सकते हैं कि आप उनके बारे में कैसा महसूस करते हैं.