मस्त विचार 1905

थोड़ा धीरज रख, थोड़ा और जोर लगाता रह !!

किस्मत के जंग लगे दरवाजे को, खुलने में वक्त लगता है !!

कुछ देर रुकने के बाद, फिर से चल पड़ना दोस्त !!

हर ठोकर के बाद, संभलने में वक्त लगता है !!

बिखरेगी फिर वही चमक, तेरे वजूद से तू महसूस करना !!

टूटे हुए मन को, संवरने में थोड़ा वक्त लगता है !!

जो तूने कहा, कर दिखायेगा रख यकीन !!

गरजे जब बादल, तो बरसने में वक्त लगता है !!

सुविचार 2030

स्वीकार करने की हिम्मत और सुधार करने की नीयत मन में हो तो अपनी भूल से भी इन्सान बहुत कुछ सीख कर आगे बढ़ सकता है.

मस्त विचार 1904

जो दूसरों के चहेरों पे मुस्कराहट देखना चाहता है,

ऊपरवाला उनकी मुस्कराहट कभी नहीं छीनता !!

दुनिया भर की तमाम चुनौतियों पर गर भारी पड़ती है तो..

..वो है आपके चेहरे पर खिली बेफ़िक्री भरी मुस्कराहट..!!

वे लोग क्या कभी ख़ुद भी मुस्कुरा भी पाते होंगे..

_ जिन्होंने न जाने कितने ही लोगों की मुस्कराहट छीनी है..!!

सुविचार 2029

जीवन का ‘आरंभ’ अपने रोने से होता है और जीवन का ‘अंत’ दूसरों के रोने से,

इस “आरंभ और अंत” के बीच का समय भरपूर हास्य भरा हो.

..बस यही सच्चा जीवन है.

मस्त विचार 1903

ज़िंदगी की हर चाह, यहाँ किसकी पूरी हुई है.

अनमोल है हर सांस, जो हमें रब ने दी हुई है.

पाकर खोने का अब, ग़म मत कर ए मेरे दोस्त,

किस्मत बुरी या भली, ये कर्मो ने लिखी हुयी है.

सुविचार 2028

जैसी संगत वैसी रंगत

मनुष्य जैसी संगति करता है, जैसे वातावरण और माहौल में रहता है, जैसे विचार करता है, जैसा जैसे विचार सुनता है वैसे ही संकल्प करने लगता है, वैसा ही आचरण करने लगता है और जैसा आचरण करता है, फिर वैसा ही उसका रूप और स्वभाव बन जाता है. जिन बातों का बार-बार विचार करता है, धीरे-धीरे वैसी ही इच्छा हो जाती है, फिर उसी के अनुसार वार्ता, आचरण, कर्म और गति होती है.

सुविचार 2027

जो लोग भरी थाली में लात मारते हैं,

उनको जीवन भर दूसरों की थाली की केवल झूठन ही मिलती है..

मस्त विचार 1902

सोचने से कहाँ मिलते हैं तमन्नाओं के शहर,

चलने की जिद्द भी जरुरी है मंजिलों को पाने के लिए..

Collection of Thought 576

Welcome every morning with a smile. Look on the new day as another special gift from your Creator, another golden opportunity.

हर सुबह मुस्कान के साथ स्वागत करें, _ नए दिन को अपने निर्माता की ओर से एक और विशेष उपहार के रूप में देखें, एक और सुनहरा अवसर.

मस्त विचार 1901

कौन कहता है की हम उसे जानते नही,

जो सारी कायनात का मालिक है.

ये तो वो जाने या मैं जानू,

जिसने महसूस किया, उसने ही उसे जाना है.

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