Collection of Thought 574

The one and only reason behind all the miseries and failures of our life is ~ our selfishness and the deeds induced by our selfish nature..!!

हमारे जीवन के सभी दुखों और असफलताओं का एक ही कारण है ~ हमारा स्वार्थ और हमारे स्वार्थी स्वभाव से प्रेरित कर्म..!

सुविचार 2016

साहस…….

जितना साहस कोई बात सबके सामने खड़े होकर कहने में लगता है, उतना ही साहस चुपचाप बैठकर हर किसी की बात सुनने के लिए भी चाहिए !!

सुविचार 2015

निर्बल मन ….

निर्बल व खाली मन कभी भी समर्थ संकल्प उत्पन्न नहीं कर सकता !! संकल्पवान बनें, विचारो में स्थिरता और दृढ़ता पैदा करें, मन को अभ्यास द्वारा नियंत्रित करें, अच्छे विचार रखें, इससे आपकी आत्मिक शक्ति का विकास होगा ! याद रखें मन के हारे हार है मन के जीते जीत !!

सुविचार 2014

वो ही करता और वो ही करवाता है, क्यों बंदे तू इतराता है,

एक साँस भी नही है तेरे बस की, वो ही सुलाता और वो ही जगाता है.

सुविचार 2013

संतुलित मन….

घोर संकट के समय, विपत्ति के समय और कठिन परिस्थितियों में शांत रहना, सहज रहना और मुस्कुराना संतुलित मन और स्थिर चित्त की निशानी है !! ऐसा तभी संभव है जब आपका मन पर पूर्ण नियंत्रण हो और ये शांति व सहजता और मुस्कुराहट केवल दिखावटी न हो और बाहरी न हो !!!

सुविचार 2012

मुझे जिन्दगी का इतना तजुर्बा तो नहीं, पर इतना तो मालुम है कि… छोटा आदमी

बड़े मौके पर काम आता है और बड़ा आदमी छोटी सी बात पर औकात दिखाता है..!!

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