मस्त विचार 1887
कुछ अच्छा ही लिख दिया कर, बुरे के लिए तो अपने ही बहुत हैं..!!
कुछ अच्छा ही लिख दिया कर, बुरे के लिए तो अपने ही बहुत हैं..!!
देख उस मोड़ को,,,वहां से तू बदलने वाला है.
कभी-कभी आप वह नहीं करते जो आप चाहते हैं _ जब तक कि आपको वह नहीं मिल जाता _ जिसकी आपको आवश्यकता है.
1. जब ख़ुशी में हो तो वादा मत करना
2. जब ग़ुस्से में हो तो जवाब मत देना
3. जब दुःखी हो तो फ़ैसला मत करना
खुद के अंदर झांकने में क्युं अटकता हूं,
बाँध के झूले भ्रम के क्युं लटकता हूं,
क्या वजह है जो मैं खुद को यू खटकता हूं..
तो इंसान बाहर से ही नहीं अंदर से भी पत्थर बन जाता है.
कि हम कैसी ज़मीने और ज़माना छोड़ आए हैं…!!