सुविचार 1895
हम संघर्ष का पीरियड लम्बा और खुशी का पीरियड छोटा क्यों बनातें हैं ? इस तरह तो हम जीवन के पच्चीस प्रतिशत हिस्से में भी खुश नहीं रह पाएंगे. हमें अपनी प्रोग्रामिंग इस तरह करनी चाहिए कि मै हर रोज, हर पल खुश रहूँगा, चाहे कुछ भी हो जाये.
इसलिए समय का सम्मान करें, ये आपको परिस्थितियों में बँधने से बचाता है.
उस समय भी समय गुजर रहा होता है.
दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.
कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.
वो बदल गया है जिसके लिए हम ज़िंदा थे.