सुविचार 1895

हम संघर्ष का पीरियड लम्बा और खुशी का पीरियड छोटा क्यों बनातें हैं ? इस तरह तो हम जीवन के पच्चीस प्रतिशत हिस्से में भी खुश नहीं रह पाएंगे. हमें अपनी प्रोग्रामिंग इस तरह करनी चाहिए कि मै हर रोज, हर पल खुश रहूँगा, चाहे कुछ भी हो जाये.

सुविचार 1894

जो इंसान समय से बँधने से घबराता है, उसे परिस्थितियां बाँध देती है.

इसलिए समय का सम्मान करें, ये आपको परिस्थितियों में बँधने से बचाता है.

मस्त विचार 1768

किसी एक जगह बहुत ही खूबसूरत शब्द लिखे थे,

दुनिया में छोड़ने जैसा कुछ है तो दुसरों से उम्मीद करना छोड़ दो.

मस्त विचार 1767

जरुरी नहीं है बीमार होने की वजह बीमारी ही हो,

कुछ लोग तो दूसरों की खुशियाँ देख कर भी बीमार हो जाते हैं.

सुविचार 1891

इस अस्तित्व में किसी का पात्र भी खाली नहीं है, सब भरे हैं …… अस्तित्व किसी के साथ अन्याय नहीं करता ….!! बस अंतर है तो सिर्फ इतना, जितना आपका पात्र खाली होगा उतना ही भरेगा. किसी का पात्र छोटा होगा तो उसने उसको उतना ही भर दिया.
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