सुविचार 1968

जब जब आपके खास लोग दूर होने लगें तो समझ लीजिए कि उनकी जरूरतें पूरी हो चुकी.

सुविचार 1967

नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को सही रास्ता बताना है, हुकूमत करना नहीं.

सुविचार 1966

लोगों को तब फर्क पड़ना शुरू होता है, जब आपको उनकी बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता.

Collection of Thought 564

When u develop the Ability to listen to NEGATIVE comments without Losing Temper or Confidence, It means now you’ve become Matured & truly EDUCATED.

जब आप अपना आपा या आत्मविश्वास खोए बिना नकारात्मक टिप्पणियों को सुनने की क्षमता विकसित करते हैं,

इसका मतलब है कि अब आप परिपक्व और सही मायने में शिक्षित हो गए हैं.

सुविचार 1965

परिवार में आपस में प्रेम होना बहुत जरूरी है, इसलिए अपने परिवार को पूरा समय दिजिए इससे प्रेम और विश्वास पनपता है तथा परिवार में खुशहाली आती है.

सुविचार 1964

हमलोग दूसरों के काम का मूल्यांकन बहुत बारीकी से करते हैं, लेकिन अपने काम के मूल्यांकन में इस तरह की ईमानदारी नहीं बरतते हैं.

_अपने काम की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए और हमेशा सीखते रहने के लिए अपने काम का मूल्यांकन खुद करते रहना चाहिए.

गुणवत्ता यदि व्यक्तित्व में हो तो वस्तु में स्वयम् ही शामिल हो जाएगी.

If quality is present in the personality then it will automatically be included in the object.

मस्त विचार 1839

कभी हँसते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी,

कभी रोते हुए छोड़ देती है ये जिंदगी.

न पूर्ण विराम सुख में, न पूर्ण विराम दुःख में,

बस जहाँ देखो वहाँ अल्पविराम छोड़ देती है ये जिंदगी.

प्यार की डोर सजाये रखो, दिल को दिल से मिलाये रखो,

क्या लेकर जाना है साथ मे इस दुनिया से,

मीठे बोल और अच्छे व्यवहार से रिश्तों को बनाए रखो…

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