सुविचार 1963

सहज सरल…..

कठिन परिस्थितियों और अपने द्वारा नहीं चाही गई स्थिति में भी जो शांत, सहज और सरल रहते हैं वो थोड़े समय में ही ख़राब से ख़राब स्थिति से उबर जाते हैं, किन्तु जो जरा जरा सी बात में चिढते हैं क्रोधित होते हैं वो अच्छी भली परिस्थिति को भी बिगाड़ लेते है !! अतः शांत-सहज -सरल रहे या कम से कम ऐसी कोशिश तो की जा सकती है, ऐसा करें और जीवन का आनंद ले !!!!

सुविचार 1962

मित्रो प्रकृति का कालचक्र नियम देखिए :-

1~ बचपन:- समय है, शक्ति है, लेकिन पैसा नहीं है ..

2~ युवावस्था:- शक्ति है, पैसा है,लेकिन समय नहीं है ..

3~ बुढ़ापा:- पैसा है, समय है, लेकिन शक्ति नहीं है ..

प्रकृति का कोई जबाब नहीं इसलिए प्रतिदिन हर्ष .. उल्लास .. और खुशी में जीवन बिताएं.

सुविचार 1961

अच्छा स्वभाव वह खूबी है जो सदा के लिए सभी का प्रिय बना देता है. कितना भी किसी से दूर हों, पर अच्छे स्वभाव के कारण आप किसी न किसी पल यादों में आ ही जाते हो.

“इसलिए स्वभाव भी इंसान की अपनी कमाई हुयी सबसे बड़ी दौलत है”

Collection of Thought 563

When you finally get something good, enjoy it. Don’t go looking for something better.

जब आपको अंत में कुछ अच्छा मिले, तो उसका आनंद लें, _ कुछ बेहतर की तलाश में मत जाओ.

Quotes by स्टीफन हॉकिंग

चाहे जिन्दगी जितनी भी कठिन लगे, आप हमेशा कुछ न कुछ कर सकते हैं और सफल हो सकते हैं.
ऊपर सितारों की तरफ देखो अपने पैरों के नीचे नहीं. जो देखते हो उस का मतलब जानने की कोशिश करो और आश्चर्य करो कि क्या है जो ब्रह्माण्ड का अस्तित्व बनाए हुए है, उत्सुक रहो.
बुद्धिमत्ता बदलाव के अनुरूप ढलने की छमता है.
अन्य विकलांग लोगों के लिए मेरी सलाह होगी कि उन चीजों पर ध्यान दें जिन्हें अच्छी तरह से करने से आप की विकलांगता नहीं रोकती, और उन चीजों के लिए अफसोस न करें जिन्हें करने में यह बाधा डालती है.
मुझे लगता है ब्रह्माण्ड में और ग्रहों पर जीवन आम है, हालांकि बुद्धिमान जीवन कम ही है. वहीं, कुछ का कहना है इस का अभी भी पृथ्वी पर आना बाकी है.
हम एक औसत तारे के छोटे से ग्रह पर रहने वाले बंदरों की एक उन्नत नस्ल हैं, लेकिन हम ब्रह्माण्ड को समझ सकते हैं, यह हमें कुछ खास बनाता है.
मैं चाहूंगा न्यूक्लियर फ्यूजन व्यावहारिक ऊर्जा का स्त्रोत बने. यह प्रदूषण या ग्लोबल वार्मिंग के बिना, ऊर्जा की अटूट आपूर्ति प्रदान करेगा.
लाइफ दुखद होगी अगर यह अजीब न हो.
जब किसी की उम्मीद एकदम खत्म हो जाती है, तब वह सचमुच हर उस चीज की महत्ता समझ पाता है जो उस के पास है.
मैं, बस एक बच्चा हूं जो कभी बड़ा नहीं हुआ. मैं अभी भी ‘कैसे’ और ‘क्यों’ वाले सवाल पूछता रहता हूं. कभीकभार मुझे जवाब मिल जाता है.
काम आप को अर्थ और उद्देश्य देता है और इस के बिना जीवन अधूरा है.
मेरा लछ्य स्पष्ट है. ये ब्रह्माण्ड को पूरी तरह समझना है, यह जैसा है वैसा क्यों है और आखिर इस के अस्तित्व का कारण क्या है.
विज्ञान लोगों को गरीबी व बीमारी से निकाल सकता है और सामाजिक अशांति खत्म कर सकता है.
कभीकभी मुझे आश्चर्य होता है कि क्या मैं अपनी व्हीलचेयर और विकलांगता के लिए उतना ही प्रसिद्ध हूं जितना अपनी खोजों के लिए.
मेरा विश्वास है कि चीजें खुद को असंभव नहीं बना सकती.
यदि आप यूनिवर्स को समझते हैं तो एक तरह से आप इसे नियंत्रित करते हैं.
वास्तविकता की कोई अनूठी तसवीर नहीं होती.
मेरी पहली लोकप्रिय किताब , ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री औफ टाइम, ‘ ने काफी रूचि पैदा की, लेकिन कई लोगों को इसे समझने में कठिनाई हुई.
हम यहां क्यों हैं ? हम कहां से आते हैं ? परंपरागत रूप से, ये फिलौसोफी के सवाल हैं, लेकिन फिलौसोफी मर चुकी है.
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