सुविचार 2051

भाग्य और दूसरों को दोष क्यों देना, जब सपने हमारे हैं तो कोशिशें भी हमारी होनी चाहिए.

मस्त विचार 1925

“कभी-कभी ‘खुद’ के लिए भी जीने की इच्छा होती है…,

…पर ‘ज़िम्मेदारी’ इतना भी वक़्त नहीं देती…!!!”

सुविचार 2050

आमतौर पर आदमी उन चीजों के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहता है, _ _ जिन का उस से कोई लेनादेना नहीं होता.

सुविचार 2049

सामान्यतया आदमी का स्वभाव इतना लचीला नहीं हो पाता, क्योंकि अपने आप को दूसरे की जगह रखकर किसी चीज को देखने की कला, हमें कभी नहीं सिखाई गयी.

क्या है की हम आज तक लेने का ही सुख जान पाएं हैं, खाने का ही सुख महसूस कर पाये हैं; लेकिन इतना जानिये की लेने से ज्यादा देने में आनंद है.

मस्त विचार 1924

क्या बेचकर हम तुझे खरीदें, “ऐ….ज़िन्दगी”

सब कुछ तो “गिरवी” पड़ा है, ज़िम्मेदारी के बाज़ार में.

सुविचार 2048

संघर्ष में आदमी अकेला होता है, सफलता में दुनिया उसके साथ होती है.

जिस जिस पर ये जग हँसा है, उसी उसी ने इतिहास रचा है.

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