सुविचार 1959
सबसे ज्यादा गुस्सा उस वक़्त आता है,
जब कोई खुद गलत होकर भी आपको गलत साबित करने की कोशिश करे.
जब कोई खुद गलत होकर भी आपको गलत साबित करने की कोशिश करे.
और दुर्भाग्य ये कि भाग्य से जो मिला है उसे जी नही पा रहा.
और इससे पहले तुम्हारी नई माँग की लहर इसको डुबा दे … इसे जी लो.
नाम” खुद कमाना पड़ता है “बदनामी” लोग आपको कमा के देते हैं.
और जो बिखर कर निखर जाए वो “व्यक्तित्व” है…!!
और एक छोटा सा सकारात्मक विचार, हमारी निराशा को पल भर में दूर कर सकता है.
यूँ खिलौनों से न बहलाया करो तुम.
_ तेरी ये पुकार आसमां तक भी जाती होगी..!!
अपनी बेईमानी को अपनी बुद्धिमानी समझ़ने की.
बेईमान को तो वहम है जिंदगी का.