मस्त विचार 1751
*जिस दिन* *मेरे दिल* से *आप * निकले.!
*जिस दिन* *मेरे दिल* से *आप * निकले.!
यदि हमने विरोधी स्थितियों में मन सहज रहना नहीं सीखा तो या तो हम अधिकतर झगडा करते दिखेंगे या कूढते — चिढते और परेशान होते रहेंगे !!! सारी स्थितियां और समय किसी के भी हमेशा अनुकूल नहीं रहता, अतः विपरीत स्थितियों में भी जीना सीखिए !!!
गहरी नींद से सोये हुए को जगाना, बड़ो से मुह्जोरी करना, छोटों पर अत्याचार करना, दुष्टों की संगती, और सज्जनों की उपेक्षा करना, बिना सोचे बोलना, आदि कार्य समझदार व्यक्ति नहीं करते !!!
लेकिन हाँ !!! अंदाजा तो लगाओ कभी अपने सुखों का.
मुहं से यही निकलेगा कि या रब शुक्र है तेरा.
…बेहतर ऑफर मिलते ही चेंज कर लेते हैं.
मै जब जब भी रोया….मेरे मुरशद को खबर हो गई..