मस्त विचार 1922
किसी को अपना कैसे मानेंगे..
किसी को अपना कैसे मानेंगे..
गलतियाँ आपको पहले से बेहतर किसी चीज़ में बदलने की शक्ति रखती हैं.
आज सूना पड़ा है
बच्चों का कमरा
आज अधूरा पड़ा है
कितना अस्तव्यस्त
बिखरे कपड़ों से पस्त
हमेशा टोकते टोकते थके थे
आज व्यवस्थित सन्नाटे यहां थे
स्कूल बैग पटका इधर
एक जूता जाने किधर
किताब कहीं, गिटार कहीं
किसी चीज की परवा नहीं
कितना चिल्लाता था तब तो
सामान जगह पर रखने को
कमरे में बूढ़ा बाप झांक आता है
जहां शोर था, वहां खामोशी से डर जाता है
लड़कियां ही नहीं, लड़के भी
अब घर छोड़ जाते हैं
शरारतों की यादें
मीठी सी बातें घर में छोड़ जाते हैं.
डॉ.राजीव जैन
यदि हाँ, तो अभी इससे बाहर निकलिये. मशहूर हास्य कलाकार चार्ली चैप्लिन की बात यहां बहुत मायने रखती है कि मुस्कराहट दुनिया का सबसे सस्ता लेकिन बहुमूल्य तरीका हैं, जो जीवन को उत्सव बना देता हैं.
वरना समय तय कर लेगा की आपका क्या करना है.