मस्त विचार 1894
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए.
मस्त विचार 1893
जिसे जी लिया उसे ज़िंदगी कहिए..
सुविचार – हम है उसी में राजी, जिसमे तेरी रजा है – 2018
प्रसन्न रहिये …. छोटी छोटी बातो पर रूठना, गुस्सा होना. प्रतिक्रिया देना अपने स्वाभाव और चरित्र में नकारात्मकता लाता है, अतः सोच समझ कर प्रतिक्रिया दें, छोटी छोटी बातो को गर नजर अंदाज न कर सके तो ज्यादा तूल न दें, यानि बढ़ाएं नहीं, किसी भी हालत में क्रोध या आवेश को अभिव्यक्ति न दे, प्रदर्शित न करे, इसको समझना हो तो जब कोई दूसरा क्रोध में चिल्लाता हो उसे देखे तुरन्त समझ आएगा की ऐसी अभिव्यक्ति कितनी गलत होती है ! अपनी बात सहज होकर, शांति से रखें ! इससे प्रसन्नता और शांति आपके पास स्थायी हो सकेगी ! और आप कह सकेंगे की ….. यहाँ यु भी वाह वाह है , और त्यूं भी वाह वाह है ….हर हाल में खुश , मस्त , प्रसन्न ………
मस्त विचार 1892
जब तक रिश्ते हैं, “घाव” मिलता रहेगा.
पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दें,
अगर हमारे कर्म, भावना और रास्ता सही है.
तो गैरों से भी “लगाव” मिलता रहेगा.
सुविचार 2017
Collection of Thought 574
हमारे जीवन के सभी दुखों और असफलताओं का एक ही कारण है ~ हमारा स्वार्थ और हमारे स्वार्थी स्वभाव से प्रेरित कर्म..!
मस्त विचार 1891
सुविचार 2016
जितना साहस कोई बात सबके सामने खड़े होकर कहने में लगता है, उतना ही साहस चुपचाप बैठकर हर किसी की बात सुनने के लिए भी चाहिए !!
सुविचार 2015
निर्बल व खाली मन कभी भी समर्थ संकल्प उत्पन्न नहीं कर सकता !! संकल्पवान बनें, विचारो में स्थिरता और दृढ़ता पैदा करें, मन को अभ्यास द्वारा नियंत्रित करें, अच्छे विचार रखें, इससे आपकी आत्मिक शक्ति का विकास होगा ! याद रखें मन के हारे हार है मन के जीते जीत !!





