सुविचार 1941

कभी कभी रिश्तों की कीमत वो लोग समझा देते हैं, जिनसे हमारा कोई रिश्ता ही नहीं होता है.

मस्त विचार – दूर निकलना छोड़ दिया है – 1815

थोड़ा थक सा जाता हूँ अब मैं…

इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,

पर ऐसा भी नही हैं कि अब…मैंने चलना ही छोड़ दिया है.

फासलें अक्सर रिश्तों में…अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,

पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने…अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है.

हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ …खुद को अपनों की ही भीड़ में,

पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने….अपनापन ही छोड़ दिया है.

याद तो करता हूँ मैं सभी को…और परवाह भी करता हूँ सब की,

पर कितनी करता हूँ…बस बताना छोड़ दिया है.

थोड़ा थक सा जाता हूँ अब मैं…

इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,

 

सुविचार 1940

*यदि आप नहीं जानते हैं तो… *पूछिये*.

*यदि आप किसी बात से सहमत नहीं है तो .. *चर्चा करिये*.

*यदि आप को कुछ पसंद नहीं है .. तो *बताइये*.

*लेकिन चुप रह कर किसी *निर्णय तक मत पहुँचिये*.

Collection of Thought 559

A successful life is the one which has no desires left in the mind at the time of death.

एक सफल जीवन वह है जिसकी मृत्यु के समय मन में कोई इच्छा नहीं बची हो.

सुविचार 1939

समय के बारे में सोचने से सिर्फ बहाने मिलते हैं पर समाधान के बारे में सोचने से रास्ते निकलते हैं.

मस्त विचार 1814

*”नादान” इंसान ही जिंदगी का* *’आनंद’ लेता है…*

*ज्यादा “होशियार” तो हमेशा* *’उलझा’ हुआ रहता है…!*

सुविचार 1938

शोकग्रस्त और चिंतित मन …..

कंजूस को दान देना बुरा लगता है, लोभी को मांगने वाला बुरा लगता है, चोरों को प्रकाश बुरा लगता है, मुर्ख को समझाने वाला उपदेशक बुरा लगता है, कर्जदार को तगादा बुरा लगता है ,रूपवान को बुढ़ापा अच्छा नहीं लगता, निर्धन को धनवान अच्छा नहीं लगता, जिसका मन- शोक चिंता से ग्रसित और व्याकुल हो उसे कुछ भी अच्छा नहीं लगता, अतः शोक और चिंता से बचे !!!

मस्त विचार 1813

दिल से ज्यादा उपजाऊ जगह और कोई नहीं हो सकती,

_ निर्भर आप पर करता है कि आप प्यार बोते हैं या नफरत.!!

“हम जो बोते हैं, वही काटते हैं” और ज़िंदगी, अपने अनगिनत रास्तों से गुज़रते हुए, हमें हमेशा वही लौटाती है.. जो हमने दूसरों को दिया था.

मस्त विचार 1812

कहीं होकर भी नही हूँ और कहीं ना होकर भी हूँ..

बड़ी कशमकश मे हूँ ऐ जिंदगी कहाँ हूं और कहाँ नही हूँ…!!!

सुविचार 1937

दिखावे का जीवन जीना बहुत कष्टदायक है क्यूंकि इंसान कि वास्तविकता कुछ और होती है और वो दुनिया को कुछ और दिखाना चाहता है.
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