सुविचार 1936
कमाले बुजदिली है पस्त होना अपनी आँखों में,
थोड़ी सी हिम्मत हो तो फिर क्या हो नहीं सकता …..
किसी भी परिस्थिति में निराश या हताश मत होइए !
धैर्य, विवेक और साहस से हर स्थिति पर विजय पाइए !!!!
कमाले बुजदिली है पस्त होना अपनी आँखों में,
थोड़ी सी हिम्मत हो तो फिर क्या हो नहीं सकता …..
किसी भी परिस्थिति में निराश या हताश मत होइए !
धैर्य, विवेक और साहस से हर स्थिति पर विजय पाइए !!!!
और थकान शाम को अपना घर मांगती है.
आप लोगों को कभी नहीं बदल सकते, वे वही हैं जो वे हैं, इसे स्वीकार करें, _ लेकिन आप हमेशा बदल सकते हैं कि आप उनके बारे में कैसा महसूस करते हैं.
*”जबकि सच्चाई यह है,कि* *”नरम दिल” वाले बेवकूफ नही होते*,,,!
*”वे बखूबी ये जानते हैं, कि लोग उनके साथ क्या कर रहे हैं*,,,!
*”पर हर बार लोगों को माफ करना*,,,!
*”यह जाहिर करता है,कि वो एक खूबसूरत “दिल” के मालिक हैं*,,,!
*”और, वे “रिश्तों”* *को सँभालना बखूबी जानते हैं*,,,!
तुम्हारे बिन मेरी हस्ती अधूरी है, समझता हूँ.
तुम्हें मैं भूल जाऊँगा ये मुमकिन है नहीं लेकिन,
तुम्हीं को भूलना सबसे जरूरी है, समझता हूँ.