जो ‘प्राप्त’ है वो ही ‘पर्याप्त’ है इन दो शब्दों में सुख बे हिसाब है.
सुविचार 1931
ईमानदारी बरगद के पेड़ के समान है जो देर से बढ़ती है किन्तु चिरस्थायी रहती है.
मस्त विचार 1806
टूटा जो वो कोई दिल न था,
बस उम्मीद थी….
सुविचार 1930
“अपने अहंकार को झुका कर रिश्तों को बचाने की क्षमता कुछ में ही होती है”
ऐसे व्यक्ति आपको प्रत्येक परिस्थिति में प्रसन्न दिखेंगे. उनके चेहरे पर एक विजयी मुस्कान सदैव रहती है जो वो लोगों को अपनी विनम्रता और शालीनता से मुग्ध करने के पश्चात आती है. ये पश्चाताप शब्द की परिधि से कहीं दूर होते हैं और इन्हें बीते कल का पछतावा नहीं होता, ये आज में जीते हैं एवं बेहतर भविष्य की आशा रखते हैं…!!!”
Collection of Thought 557
The past is meant to teach you and the hard times are meant to strengthen you.
अतीत आपको सिखाने के लिए होता है और कठिन समय आपको मजबूत करने के लिए होता है.
मस्त विचार 1805
कुछ चीजें समीप जाने पर बगैर मांगे मिल जाती है,
जैसे “बर्फ के पास शीतलता” “अग्नि के पास गरमाहट” और “गुलाब के पास सुगंध”.
मस्त विचार 1804
चाहे जिधर से गुज़रिये, मीठी सी हलचल मचा दीजिये.
सुविचार 1929
गलतियां क्षमा की जा सकती हैं अगर आपके पास उन्हें स्वीकारने का साहस हो.
मस्त विचार 1803
खामोशियाँ जब चीखती हैं ना,
हर शोर खामोश हो जाता है.
सुविचार 1928
अगर मैं सुखी होना चाहता हूं तो कोई मुझे दुखी नहीं कर सकता.




