मस्त विचार 1871
ये रिश्ते भी अजीब हैं बिना विश्वास के शुरु नहीं होते . . .
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते….
और बिना धोखे के ख़तम नहीं होते….
एकांत में सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है – चरित्र को छोड़कर.
भाग्य मूर्खों की गलतफहमी है.
आप अपना ख़्याल तो रखिये !!
वक्त तुम्हे हम जैसे किसी से मिलवा दे तो..
दामन पकड़ के रोक लेना..
और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं…
चाहे उस का जन्म कितनी ही नगण्यता से हुआ हो.
अब अमीरी आ गई सबको अलग मकान चाहिए.