सुविचार 2021
कभी हारना तो कभी झुकना तो, कभी सहना, और कभी कभी खुद को हराना भी पड़ता है.
कभी हारना तो कभी झुकना तो, कभी सहना, और कभी कभी खुद को हराना भी पड़ता है.
कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके रास्ते में क्या आता है, सकारात्मक रहें और आभारी रहें, _ कभी भी उम्मीद न खोएं, जिस चीज में आप विश्वास करते हैं उसके लिए लड़ना कभी बंद न करें.
मुस्कुराहट का क्या है, गैरों से भी वफा कर लेती है.
आम पककर स्वयं गिर जाते है…
इसी तरह जब हमारी सत्य की समझ बढ़ जाती है…
तो स्वयं ही हमारा भटकना बंद हो जाता है…
बहुत संभल के चले फिर भी फिसल गए हम,
किसी ने विश्वास तोड़ा तो किसी ने दिल,
और लोगों को लगा की बदल गए हम.
न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए.
जिसे जी लिया उसे ज़िंदगी कहिए..
प्रसन्न रहिये …. छोटी छोटी बातो पर रूठना, गुस्सा होना. प्रतिक्रिया देना अपने स्वाभाव और चरित्र में नकारात्मकता लाता है, अतः सोच समझ कर प्रतिक्रिया दें, छोटी छोटी बातो को गर नजर अंदाज न कर सके तो ज्यादा तूल न दें, यानि बढ़ाएं नहीं, किसी भी हालत में क्रोध या आवेश को अभिव्यक्ति न दे, प्रदर्शित न करे, इसको समझना हो तो जब कोई दूसरा क्रोध में चिल्लाता हो उसे देखे तुरन्त समझ आएगा की ऐसी अभिव्यक्ति कितनी गलत होती है ! अपनी बात सहज होकर, शांति से रखें ! इससे प्रसन्नता और शांति आपके पास स्थायी हो सकेगी ! और आप कह सकेंगे की ….. यहाँ यु भी वाह वाह है , और त्यूं भी वाह वाह है ….हर हाल में खुश , मस्त , प्रसन्न ………
जब तक रिश्ते हैं, “घाव” मिलता रहेगा.
पीठ पीछे जो बोलते हैं, उन्हें पीछे ही रहने दें,
अगर हमारे कर्म, भावना और रास्ता सही है.
तो गैरों से भी “लगाव” मिलता रहेगा.